तुझे आएगा कभी  तो याद मेरी
मुझे ढूंढते हुए निकलोगी घर के दरवाज़े से
मई फर तेरी गली में आऊंगा
तुझे करके अनदेखा निकलूंगा तेरे घर से 

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